Sunday, April 27, 2008

मैं सोचता बहुत हूँ !!

मैं सोचता हूँ-

इतना,कि

सोचकर थक जाता हूँ॥

मैं सोचता क्यों हूँ !? इतना,

मैं ये भी सोचता हूँ॥

पता नही तुम्हे,कि

अगर न सोचता मैं तो,

मैं सोचता बस इतना ,कि

मैं ज़्यादा सोचता नहीं हूँ॥

मैं बीमार तो नहीं हूँ !?

तुम सोचते होगे॥

मगर सोच होती अगर बीमारी,

तो तुम क्यों सोचते मेरे लिए !! ऐसा

मुझे यकीन है,

मेरा दोस्त बीमार नही हैं॥

मैं सोचता हूँ बस इतना,

कि मैं सोचता बहुत हूँ !!

2 comments:

कंचन सिंह चौहान said...

मैं बीमार तो नहीं हूँ !?
तुम सोचते होगे॥
मगर सोच होती अगर बीमारी,
तो तुम क्यों सोचते मेरे लिए !!

waah bahut khub...! likhte raho.... abhi tumhe apna best saamne lana hoga rakesh...!

राकेश जैन said...

di aapka ashish hai to sab kuchh apki ichchha ke mutabik hoga...