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Monday, August 4, 2008

मेरी प्रिय पत्नी के लिए !!

लीजिए क्रम की अगली प्रस्तुति,
मेरी प्रिय पत्नी के लिए !!
कई दिनों तक,
तुम्हारे हाथों,
खाना ज़्यादा पक जाएगा,
एक आदमी का॥
रसोई मे सम्हल कर
काम करना,
बच्चे नाराज़ होंगे !!
खोई-खोई मत रहना,
खुशियों मे शामिल हो जाना,
बात-बात मे,
मेरा ज़िक्र मत करना,
बच्चे नाराज़ होंगे !!
जीवन से बोझिल मत होना,
ढोना ! मत रोना ,
तुम्हारे आंसू बहते रहेंगे,
तो बच्चे नाराज़ होंगे !!
ज़्यादा दखल मत करना,
जैसे मुझे करती थी,
बात-बात मे,
बच्चे नाराज़ होंगे॥
(कृमशः )