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Sunday, August 2, 2009

दोस्तों,
मत सोचिये की मैं ज़रा आता हूँ और बहुत गायब रहता हूँ,,, वक्त शायद कुछ और ही चाहता है॥
मैं खुश हूँ आज बहुत आपसे दिल की बात बांटने मे, की मुझे और बेहतर नौकरी मिल गई ॥ निजी कम्पनिओं मे चलन को हो गया है,की जॉब पर रहते हुए आपकी तरक्की बाधित हो जाती है, चाहे आप कितने ही मुकम्मल तरीके से काम मे मशगुल हों... मेरे साथ भी लगभग वही हुआ,,, पर किस्मत और आप सब की दुआ से मुझे नया मुकाम मिला, मैं अब एक नई कंपनी के लिए काम करूँगा ॥ एक छोटी सी कविता मेरी बात कह रही है, गौर करिएगा ,

एक कमरा अँधियारा था
एक दीप रखने से पहले,

कई असफलताएँ हैं,
लोग कहते हैं -मेरे जीवन मे,,
मगर मुझे ज्ञात है,
एक सफलता का दीप,
सारी असफलताओं का ,
तिमिर पी लेगा सदा के लिए॥